तारापीठ की नियमित यात्रा करते हैं भाजपा नेता रूपेश पांडेय, महाश्मशान में देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए की प्रार्थना
तारापीठ / रामपुरहाट, 21 सितंबर 2026: भाजपा नेता रूपेश पांडेय एक बार फिर पश्चिम बंगाल के विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ तारापीठ धाम पहुंचे। मां तारा के अनन्य भक्त के रूप में पहचाने जाने वाले रूपेश पांडेय ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां तारा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।
भाजपा नेता रूपेश पांडेय का तारापीठ धाम से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। वे नियमित रूप से मां तारा के दर्शन के लिए यहां आते रहते हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ-साथ महाश्मशान और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन भी शामिल रहे।
भाजपा नेता रूपेश पांडेय ने मां तारा के दरबार में की पूजा-अर्चना
रविवार दोपहर तारापीठ धाम पहुंचने पर भाजपा नेता रूपेश पांडेय ने सबसे पहले मंदिर के गर्भगृह में मां तारा के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां के चरणों में मत्था टेका। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई।
दर्शन के बाद उन्हें मां तारा का आशीर्वाद स्वरूप लाल चुनरी, प्रसाद और महाप्रसाद भेंट किया गया। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने श्रद्धापूर्वक मां तारा का स्मरण किया।
तारापीठ महाश्मशान पहुंचे रूपेश पांडेय, साधक बामाक्षेपा की साधना स्थली पर किया नमन
मां तारा के दर्शन के बाद भाजपा नेता रूपेश पांडेय ने द्वारका नदी के तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध तारापीठ महाश्मशान का भ्रमण किया। यहां उन्होंने अखंड रूप से प्रज्वलित चिता की अग्नि के दर्शन किए और महान साधक बामाक्षेपा की साधना स्थली पर पहुंचकर नमन किया।
इस दौरान उन्होंने जीवित कुंड के भी दर्शन किए। तारापीठ धाम स्थित जीवित कुंड को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विभिन्न धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। तारापीठ का महाश्मशान और साधक बामाक्षेपा से जुड़ी आध्यात्मिक परंपराएं इस सिद्धपीठ की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
‘तारापीठ आकर मिलती है असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा’: रूपेश पांडेय
तारापीठ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता रूपेश पांडेय ने कहा कि मां तारा के दरबार से उनका जुड़ाव काफी पुराना है। जब भी उन्हें समय मिलता है या वे इस क्षेत्र में आते हैं, तो मां के दर्शन करना नहीं भूलते।
उन्होंने कहा, “तारापीठ से मेरा जुड़ाव आज का नहीं, बहुत पुराना है। जब भी मुझे समय मिलता है या मैं इस क्षेत्र में आता हूं, तो मां के दरबार में हाजिरी जरूर लगाता हूं। यह 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता सती की आंख की पुतली गिरने की मान्यता है। यहां महर्षि वशिष्ठ और साधक बामाक्षेपा ने घोर तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की थी।”
रूपेश पांडेय ने आगे कहा कि तारापीठ धाम में हर बार दर्शन करने से उनके मन को असीम शांति और नई सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने मां तारा से देश और प्रदेश में सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
उन्होंने कहा, “हर बार यहां आकर मन को असीम शांति और एक नई सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। मैंने मां तारा से देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की है। मां सबकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।”
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और मंदिर समिति के सदस्य रहे मौजूद
भाजपा नेता रूपेश पांडेय की तारापीठ धाम यात्रा के दौरान स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और मंदिर समिति के कई सदस्य भी मौजूद रहे। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने मां तारा के दर्शन, पूजा-अर्चना और विभिन्न आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण कर अपनी आस्था प्रकट की।
मां तारा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए रूपेश पांडेय ने देश-प्रदेश की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। तारापीठ धाम की यह यात्रा उनके नियमित धार्मिक जुड़ाव और मां तारा के प्रति अटूट आस्था को दर्शाती है।

